Neurological Rehabilitation
स्ट्रोक (लकवा), ब्रेन इंजरी, पार्किसंस और नसों की समस्याओं के बाद खोई हुई गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को वापस लाएं। **Gold Physiotherapy** पटना में अंतर्राष्ट्रीय साक्ष्य-आधारित (Evidence-Based) न्यूरो-रिहैब प्रोटोकॉल प्रदान करता है।
Neurological Conditions We Treat
हमारा हर उपचार प्लान मरीज की नसों और मांसपेशियों की स्थिति का गहन परीक्षण (Assessment) करने के बाद ही तैयार किया जाता है।
Stroke & Hemiplegia (पैरालिसिस)
ब्रेन स्ट्रोक के बाद शरीर के एक तरफ का काम करना बंद कर देना या भारीपन होना। PNF तकनीकों से प्रभावित हाथ और पैर की मांसपेशियों को दोबारा एक्टिवेट किया जाता है।
Bell's Palsy (चेहरे का लकवा)
चेहरे की नसों में सूजन के कारण मुंह टेढ़ा होना या आंख बंद न होना। मस्कुलर न्यूरो-स्टिम्यूलेशन और फेशियल एक्सरसाइज से तेजी से सुधार संभव है।
Parkinson's Disease
हाथ-पैर का कांपना, शरीर में अकड़न (Rigidity) और चलने में संतुलन बिगड़ना। बैलेंस ट्रेनिंग और मोबिलिटी ड्रिल्स से मरीज का जीवन आसान बनाया जाता है।
Spinal Cord Injury (SCI)
रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न होना। कोर स्ट्रेंथनिंग और रोबोटिक/मैन्युअल गेट री-ट्रेनिंग द्वारा स्वतंत्रता हासिल कराएं।
Peripheral Neuropathy
डायबिटीज या नसों के दबने से हाथों और पैरों में जलन, झुनझुनी या सुन्नपन। न्यूरोडायनामिक्स और नर्व ग्लाइडिंग से नसों का सर्कुलेशन बेहतर करें।
Ataxia & Balance Disorders
चलते समय लड़खड़ाहट, चक्कर आना या शरीर का संतुलन न बनना। प्रोप्रियोसेप्टिव ट्रेनिंग द्वारा सेरेब्रल संतुलन को मजबूत किया जाता है।
Scientific Modalities Used In Neuro Rehab
न्यूरोलॉजिकल रिकवरी केवल साधारण कसरत से संभव नहीं है। **Dr. S.P. Sharma (PT)** के नेतृत्व में हम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करते हैं:
Stroke Golden Period Alert ⚠️
स्ट्रोक आने के शुरुआती **3 से 6 महीने** मरीज की रिकवरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही न्यूरो फिजियोथेरेपी मिलने से 80% तक मोबिलिटी वापस पाई जा सकती है।
Home Visit Care Available In Patna ➔Book A Neurological Consultation Today
स्ट्रोक या पैरालिसिस के मरीज के इलाज में देरी न करें। अभी क्लिनिक विजिट या होम विजिट के लिए समय स्लॉट बुक करें।